वाराणसी। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश किया। समाज के विभिन्न तबकों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी। ज्यादातर लोगों ने इसे उम्मीद से ज्यादा और सबका साथ, सबका विकास वाला बजट बताया। वहीं शिक्षा और खेल से जुड़े लोगों ने निराशा भी जताई। बजट में किसान और कमजोर वर्ग पर विशेष फोकस दिखा।
सरकार का यह साहसिक बजट है। असंगठित क्षेत्र के युवा मजदूरों को 55 रुपये प्रति माह देने पर पेंशन की बात कही गई है, इसका फायदा बड़े वर्ग को होगा। इससे पलायन रुकेगा। साथ ही पांच लाख तक की इनकम को टैक्स मुक्त करने का वादा किया गया है। इससे लोगों में खर्च की प्रवृत्ति बढ़ेगी और इसका लाभ शिल्पियों, बुनकरों व व्यापारियों को होगा। -पद्मश्री डॉ. रजनीकांत, जीआई विशेषज्ञ