वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के हेल्प डेस्क पर मिलने वाले प्रसाद के रैपर की शिकायत शुक्रवार को एक श्रद्धालु ने की। शिकायत मिलते ही जहां प्रसाद के बड़े पैकेट को बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया, वहीं ठेकेदार का पेमेंट रोक दिया गया।
काशी विश्वनाथ मंदिर के दशाश्वमेध काउंटर से शुक्रवार की सुबह दशाश्वमेध निवासी श्याम पांडे ने एक हजार रुपये देकर दो-दो सौ रुपये के पांच पैकेट प्रसाद खरीदे। जब उन्होंने पैकेट खोला तो दंग रह गए। पैकेट के रैपर में अंदर की ओर विभिन्न दवाओं की कंपनियों का प्रचार-प्रसार और जानकारी दी गई थी। इसमें एक दो पैकेट में कई प्रतिबंधित दवाओं का प्रचार और अशोभनीय चीजें भी बनी हुई थीं। इससे उनकी आस्था को चोट पहुंची। उन्होंने इसकी शिकायत हेल्प डेस्क पर की। शिकायत के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू की। जांच में पाया कि किसी पैकेट के अंदर हॉरलिक्स तो किसी में दवाओं और जांच किट का प्रचार था। कार्रवाई करते हुए मंदिर के अधिकारियों ने सबसे पहले चारों हेल्प डेस्क से बड़े पैकेटों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। वहीं सभी पैकेटों की काउंटिंग कराई। हेल्प डेस्क प्रभारी सचीश मिश्रा ने बताया कि सभी पैकेट पैैक रहते हैं। इसलिए उनका पैक खोलकर बेचना भी संभव नहीं है। शिकायत के बाद तत्काल बड़े पैकेट के प्रसाद की ब्रिकी पर रोक लगाई गई। वहीं ठेकेदार को फटकार लगाते हुए उसके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। धार्मिक भावना को देखते हुए सभी छोटे पैकेटों की भी जांच कराई गई है, जो सही पाए गए हैं। उधर, शिकायतकर्ता श्याम पांडेय ने कहा कि शिकायत करते ही हेल्प डेस्क ने उचित कार्रवाई की है।