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बैकफुट पर बीएचयू प्रशासन, शोध छात्र को मिला हॉस्टल

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वाराणसी। बीएचयू प्रशासन को आखिर बैकफुट पर आना ही पड़ा। परिसर में 24 सितंबर को हुई मारपीट आदि घटनाओं में चीफ प्रॉक्टर की रिपोर्ट पर कला संकाय के जिस शोध छात्र की हॉस्टल सुविधा छीनी गई थी, उसे शनिवार को वापस कर दिया गया। स्टैंडिंग कमेटी की संस्तुति पर कुलपति ने यह आदेश जारी किया है।
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विश्वविद्यालय परिसर में 24 सितंबर को पूरी रात मेडिकल छात्रों और कला संकाय छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाएं हुई थीं। इसके बाद 25 से 28 तक विश्वविद्यालय में पहले कक्षाएं बंद की गईं और कला संकाय के छात्रों के बिरला, एलबीएस हॉस्टल के साथ ही मेडिकल छात्रों के छात्रावास भी बंद करा दिए गए थे। 29 सितंबर को विश्वविद्यालय खुला लेकिन छात्रावास के बारे में कोई फैसला नहीं हुआ। इस बीच 13 अक्तूबर को जारी एक आदेश में 14 अक्तूबर से छात्रावास आवंटन का आदेश हुआ लेकिन 13 छात्रों की सुविधा बहाल न करने का आदेश भी जारी हुआ, इसमें बिरला बी छात्रावास में रहने वाले कला संकाय के शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी का नाम भी था। आदेश में चीफ प्रॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का जिक्र था। बाद में छात्रावास संरक्षक ने 17 अक्तूबर को संबंधित छात्र के घटना वाले दिन छात्रावास के कमरे में रहने की रिपोर्ट दी। इसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन को दस दिन लग गया सुविधा बहाल करने में। डिप्टी रजिस्ट्रार ने शनिवार को एक आदेश जारी कर कला संकाय प्रमुख से छात्र की हॉस्टल सुविधा बहाल करने को कहा है।
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