वाराणसी। फरियादियों के प्रति व्यवहार और शिकायतों के समाधान के मामले में शहर के 16 थानों में कैंट थाने की पुलिस की कार्यशैली ठीक नहीं है। वहीं, देहात क्षेत्र के नौ थानों में रोहनिया थाने की पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। फरियादियों को फोन कर लिए गए फीडबैक के आधार पर यह बात सामने आई है। अब ऐसे ही प्रत्येक माह फरियादियों से फीडबैक लेकर जिले के 25 थानों की रैंकिंग तय की जाएगी। खराब प्रदर्शन वाले थानों के थानाध्यक्षों से एसएसपी जवाब तलब करेंगे। जवाब संतोषजनक न होने पर संबंधित थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि उनके कार्यालय से थानों पर भेजे जाने वाली शिकायतों, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की गई शिकायतों सहित पुलिस महकमे से जुड़े अन्य प्रकार के मामलों से संबंधित फरियादियों को फोन कर उनका फीडबैक लिया गया। पूछा गया कि उनकी शिकायत के समाधान में कितना समय लगा। थानों पर उन्हें किस प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ा। थानाध्यक्ष और अन्य स्टाफ का व्यवहार कैसा रहा। थाने की साफ-सफाई और बैठने की व्यवस्था कैसी थी। इन सबके लिए सौ नंबर निर्धारित किए गए थे। प्राप्त नंबरों के आधार पर थानों की रैंकिंग तैयार कराई गई। 50 से कम नंबर पाने वाले थानों के थानाध्यक्षों को पहली बार चेतावनी दी गई है। दूसरी बार के सर्वे में भी स्थिति में सुधार नहीं आया तो संबंधित थानेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।