वाराणसी। मिल्कोपुर में विस्फोटक पदार्थ से व्यापारी पिता-पुत्र की हत्या करने के आरोपी सराफा कारोबारी किरन चंद वर्मा और उसकी जमीन की देखरेख करने वाले मुन्नीलाल यादव व उसके बेटेेे सोनू के बैंक खाते पुलिस खंगाल रही है। दोहरे हत्याकांड की विवेचना कर रही चौबेपुर पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने से पहले मुन्नीलाल और सोनू के बैंक खाते में किरनचंद ने रुपये जमा किए थे। इसके साथ ही सोनू को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए मंगलवार को अदालत में आवेदन दाखिल किया गया जिस पर सुनवाई होनी है। उधर, सोनू को विस्फोटक पदार्थ उपलब्ध कराने वाले उसके दोस्त का सुराग नहीं लग सका और उसकी तलाश में मिर्जापुर व सोनभद्र जिले में क्राइम ब्रांच की छापेमारी जारी रही।
28 अगस्त की आधी रात बाद मिल्कोपुर निवासी खली-चूनी व्यापारी लालजी यादव और उनके बेटे अजय की हत्या विस्फोटक पदार्थ से धमाका कर की गई थी। पुलिस के अनुसार जमीन विवाद की रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया और सोमवार को किरन चंद, मुन्नीलाल व सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस मामले में किरन चंद के दो भाई विनोद चंद वर्मा और विपिन चंद वर्मा के अलावा भतीजा प्रतीक वर्मा भी नामजद है। चौबेपुर पुलिस के अनुसार प्रतीक वर्मा की जमीन मिल्कोपुर में नहीं है। पिता की मौत के बाद उसने अपने हिस्से की जमीन बेच दी थी। हत्याकांड में प्रतीक की संलिप्तता का साक्ष्य नहीं मिला है। इसी तरह विपिन चंद और विनोद चंद के खिलाफ भी अभी तक वारदात से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि फिलहाल विवेचना जारी है। अन्य तीनों नामजद के खिलाफ साक्ष्य मिलते ही उनके खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।