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बेयरिंग और क्रॉस बीम पर टिकी फ्लाईओवर हादसे की जांच

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लखनऊ/वाराणसी। वाराणसी में फ्लाईओवर हादसे की जांच बेयरिंग और क्रॉस बीम पर आकर टिक गई है। वाईके गुप्ता कमेटी के सदस्य बुधवार को जांच के लिए वाराणसी रवाना हो गए। वे गुरुवार को वहां मौका मुआयना करेंगे। इस दौरान सेतु निगम के स्थानीय अधिकारियों से निर्माण के दौरान उठाई जा रहीं तकनीकी सावधानियों की भी जानकारी भी लेंगे।
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फ्लाईओवर हादसे की तकनीकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इसमें पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता वाईके गुप्ता और सुनील कुमार गुप्ता के साथ ही सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक वाईके शर्मा को रखा गया था। लेकिन, वाईके शर्मा ने जांच करने से असमर्थता जता दी। अध्यक्ष को भेजे अपने पत्र में उन्होंने कहा कि सेतु निगम में तैनाती के कारण जांच कमेटी का हिस्सा बनना उचित नहीं रहेगा।
इसे स्वीकार करते हुए वाईके गुप्ता ने सुनील कुमार गप्ता के साथ गुरुवार को मौके पर जाकर जांच करने का फैसला किया। इससे पहले उन्होंने सेतु निगम से सारा रिकॉर्ड तलब किया। सूत्रों की मानें तो गुप्ता कमेटी अपनी जांच बेयरिंग के प्लेसमेंट और क्रॉस बीम पर केंद्रित करेगी। यही वजह है कि सेतु निगम से बेयरिंग प्लेसमेंट के लिए तैयार की डिजाइन खास तौर पर मांगी गई है। इसमें यह देखा जाएगा कि पिलर पर बीम रखने से पहले क्या बेयरिंग को ठीक से एक-दूसरे में फिट किया गया था। यह किसने चेक किया कि बीम ठीक से फिट हुए हैं या नहीं। क्या यह देखने की जिम्मेदारी आपूर्तिकर्ता कंपनी की थी या सेतु निगम के इंजीनियरों की थी। इन सवालों का जवाब भी मौके पर तलाशा जाएगा।
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इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि अगर साइट पर ही बीम कास्ट की जा रही है, तो सीधी बीम और क्रॉस बीम को एक साथ कास्ट क्यों नहीं किया गया। ऐसा किए जाने पर हादसे की गुंजाइश ही नहीं बचती। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हादसा बेयरिंग के ठीक से फिट न होने और क्रॉस बीम न पड़े होने के कारण हुआ। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी तैयार किए जाएंगे, ताकि हादसे का दोहराव न हो।
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