ज्ञानपुर/महराजगंज। जिले में बुधवार को देर शाम हल्की बारिश के बाद आई तेज आंधी से हुआ नुकसान बृहस्पतिवार को देखने को मिला। कई स्थानों पेड़ धराशायी हो गए तो पिछैती गेहूं की फसल गिर कर खेतों में बिछ गई। इससे गिरने वाली फसलों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। औराई के लसमणा गांव में कच्चे मकान पर आम का पेड़ गिर गया, संयोग था कि कोई आहत नहीं हुआ।
तीखी धूप एवं गर्म मौसम के बीच बुधवार को दिन भर आसमान में काले बादल छाए थे। दोपहर बाद धूल भरी तेज हवाएं चलीं और शाम को बारिश भी हुई। रात में तेज हवाएं आंधी में तब्दील हो गईं। इससे कई स्थानों पर आम, अमरूद के पेड़ धराशायी हो गए। डीघ के कटरा गांव में आम के तीन पेड़ गिर गए। सुरियावां के कनकपुर, पट्टी बेजांव में भी कई पेड़ उखड़ गए। हालांकि कहीं से जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली। महाराजगंज संवाददाता के अनुसार, इलाके के लसमणा गांव में तेज आंधी के चलते चंद्रमणि तिवारी के कच्चे मकान पर आम का एक पेड़ गिर गया। इससे मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। संयोग था कि उस समय उक्त कमरे में कोई नहीं था। वहीं, गेहूं की फसलें भी जमींदोज हो गई। जिन किसानों ने जल्द ही सिंचाई की थी, उनकी फसल गिर कर खेतों में बिछ गई। फसलें तबात होने से किसान परेशान हैं। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि आंधी का असर अगैती फसलों पर नहीं पड़ा। गेहूं की पिछैती फसल को नुकसान पहुंचा है। आम के बौर गिरने से उत्पादन प्रभावित होगा।