वाराणसी। धनतेरस पर खरीदारी के लिए मंगलवार को घर-घर से लोग निकले तो बाजार झूम उठा। सुबह से देर रात तक बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। आभूषण, सोने-चांदी के सिक्के, इलेक्ट्रानिक्स, गैजेट्स, दो और चार पहिया वाहन, बर्तन से रियल इस्टेट तक रौनक छाई। जबरदस्त खरीदारी से गुलजार हुए बाजारों में अरसा बाद मां लक्ष्मी की ऐसी मेहरबानी हुई। खासकर नोटबंदी और जीएसटी के बाद यह पहला मौका था जब बाजारों में हर तरफ धन बरसा। लोगों ने अपनी सामर्थ्य के मुताबिक भरपूर खरीदारी की। धनतेरस के बाजार से कारोबारी और दुकानदार भी बम-बम नजर आए। देर रात तक यहां कारोबारी आंकड़ा एक हजार करोड़ रुपये पार कर गया।
पिछले साल के मुकाबले तकरीबन सवा सौ करोड़ रुपये अधिक का कारोबार होने के पीछे त्योहारी उत्साह के साथ ही दिवाली बाद शुरू हो रहे लगन के सीजन का कारण माना जा रहा है। पिछले साल तकरीबन नौ सौ करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार लगभग 1025 करोड़ से अधिक का कारोबार बनारस में हुआ। सोने-चांदी से लेकर बर्तनों, इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रिकल्स और गैजेट्स आदि पर दुकानदारों और व्यापारियों की ओर से दी जा रही छूट ने भी ग्राहकों को खूब लुभाया।
शहर के प्रमुख बाजार गोदौलिया, चौक, बुलानाला, मैदागिन, नई सड़क, लक्सा, रथयात्रा, सिगरा, लंका, चांदपुर, लहरतारा, लहुराबीर, मलदहिया, पांडेयपुर, अर्दली बाजार में ग्राहकों की ठसाठस भीड़ रही। शाम के बाद तो भीड़ के चलते सड़कों पर निकलना मुश्किल था। पटरियों तक दुकानें सजाई गई थीं। ऑटोमाबाइल शोरूमों पर धनतेरस पर वाहनों की डिलेवरी के लिए पखवारे भर पहले से बुकिंग चल रही थी। शुभ मौके पर वाहन लेने वालों से शोरूम पटे नजर आए। बर्तन की दूकानों में मेले जैसी रौनक दिखी तो वहीं गैजेट्स और इलेक्ट्रानिक सामान के अलावा झालर, झूमर की जमकर खरीदारी ने बाजार की रौनक को चार चांद लगा दिए। बर्तनों के साथ ही सबसे अधिक खरीदारी सोने और चांदी के सिक्कों, मूर्तियों की हुई। सराफा की दुकानों पर देर रात तक लोग अपनी-अपनी पसंद के सिक्के और गहने लेते रहे। मलदहिया स्थित फूलमंडी भी सुबह से लेकर देर रात तक गुलजार रही। हालांकि सामान्य दिनों में जो माला पांच से 10 रुपये में मिलती है वह दोगुने से ढाई गुना दामों पर बिकी। इसके अलावा तुलसी की माला, गुलाब के फूल की भी काफी मांग रही।