वाराणसी। क्राइम ब्रांच का सिपाही बनकर बेरोजगारों के साथ ठगी करने वाले युवक को पुलिस ने गुरुवार की शाम रोहनिया से गिरफ्तार कर लिया। वह लोगों को हाईकोर्ट में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलाने का झांसा देता था। उसने छह से अधिक लोगों से लाखों रुपये ऐंठे थे। आरोपी शमसुद्दीन सोनभद्र जिले के बभनी का रहने वाला है। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने आरोपी को शुक्रवार की दोपहर पुलिस लाइन सभागार में मीडिया के सामने पेश किया।
आरोपी शमसुद्दीन ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह बेरोजगार युवक-युवतियों को विश्वास में लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के विभिन्न अनुभागों में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लेता था। फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी देता था। पिछले कई वर्षों से वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली समेत आसपास के जिलों के काफी बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के लिए पाल टाइपिंग एंड फोटोस्टेट, अवलेशपुर के कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर तथा हाईकोर्ट के मुहरों की मदद से फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण पत्र तथा कॉल लेटर तैयार कर दिया जाता था।
अभ्यर्थियों के क्षेत्र में स्थित बैंकों में जीरो बैलेंस पर एकाउंट खुलवा कर पैसा जमा कराया जाता था ताकि उन्हें विश्वास हो जाए कि नौकरी दिलाने वाला व्यक्ति प्रभावशाली है। बाद में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर पैसा एकाउंट से निकालकर फरार हो जाता था। एक साल पहले भुल्लनपुर निवासी एक महिला से एक लाख 25 हजार रुपये लेकर सेक्शन आफिसर इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट उच्च न्यायालय, इलाहाबाद का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर जनरल सेक्रेटरी हाईकोर्ट की ओर से तैयार कर दिया था। रोहनिया थाने में महिला ने मुकदमा भी दर्ज कराया था। क्राइम ब्रांच ने आरोपी शमसुद्दीन के पास से एक मारुति कार, तीन प्रशिक्षण पत्र, फर्जी कॉल लेटर, कंप्यूटर मॉनीटर, सीपीयू, एक मोबाइल, दो सिम कार्ड आदि बरामद किए। गिरफ्तारी करने वाली टीम में क्राइम ब्रांच के ओम नारायण सिंह, राकेश सिंह, प्रेमनारायण सिंह, तेज प्रताप यादव आदि शामिल थे।