प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद बीएचयू के शताब्दी दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगे। जेएनयू प्रकरण के चलते प्रशासन के हाथ-पांव फूले हैं। प्रशासन को आशंका है कि आयोजन के दौरान बीएचयू में कुछ छात्र माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
इसे ध्यान में रखते हुए निगरानी की पुख्ता रणनीति बनाई जा रही है। बीएचयू के दीक्षांत मंडप में 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। तैयारियों के मद्देनजर शुक्रवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने संत रविदास मंदिर और बीएचयू का निरीक्षण किया।
कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के साथ बीएचयू में बैठक कर सुरक्षा और तैयारियों से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। बीएचयू प्रशासन को छात्रों और शिक्षकों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई। तय हुआ कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों और प्रोफेसर की पहचान कर बीएचयू उन्हें फोटो युक्त पहचान पत्र जारी करेगा।
इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को भी उपलब्ध कराएगा। जिन पर भी कोई शंका होगी, उन्हें चिह्नित कर उसकी सूचना प्रशासन को देगा। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के बीच तकरीबन 500 से अधिक पुलिस कर्मी भी सादे वेश में बैठेंगे।
खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोग आगमन से लेकर प्रस्थान तक जहां-जहां प्रधानमंत्री जाएंगे, पूरे मार्ग पर मौजूद रहेंगे। हर गतिविधि की पल-पल की सूचना उनके जरिये उच्चाधिकारियों तक पहुंचती रहेगी। डीएम राजमणि यादव ने बताया कि बीएचयू में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के साथ ही सुरक्षा के सभी स्तर पर मुकम्मल प्रबंध किए गए हैं।
एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि बीएचयू प्रशासन के साथ मिलकर पुख्ता रणनीति बनाई गई है। कहीं कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।