दीनदयाल अस्पताल के ओएसडी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर प्रशांत वैभव ने बताया कि नशे की लत के कारण भी युवा एचआईवी का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल में एचआईवी की जांच करा रहे लोगों की काउंसलिंग करके उन्हें जागरूकता अभियान से जोड़कर ही इसे फैलने से रोका जा सकता है।
लापरवाही ही एचआईवी का कारण
एड्स जागरूकता पर काम कर रहीं शालू पांडेय ने बताया कि यह रोग किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। इससे अधिक घबराने की जरूरत नहीं है। जीवन में की गई लापरवाही इस रोग का कारण बनती है। इसलिए एचआईवी से वचने के लिए जागरूकता ही सबसे ज्यादा जरूरी होती है। कई बार लोग सामाजिक कलंक या डर के कारण इसकी जांच कराने से बचते हैं। जो कि भविष्य में उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
क्या बोले अधिकारी
सेंटर पर आए लोगों की जांच के साथ उनकी काउंसलिंग की जा रही है। रिपोर्ट संक्रमित आने पर उन्हें दवाएं दी जा रही हैं। एचआईवी अव लाइलाज बीमारी नहीं है, वल्कि समय पर इलाज और दवा से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। -डॉ. प्रीति अग्रवाल, चिकित्साधिकारी, एआरटी सेंटर, दीनदयाल अस्पताल