स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों की माने तो कोरोना संदिग्धों के लिए स्वैब के सैंपल लगभग 48 घंटे में खराब होने लगते हैं। चूंकि ये 52 सैंपल बृहस्पतिवार सुबह से ही लिए जा रहे थे। शुक्रवार शाम चार बजे तक ये सैंपल आजमगढ़ नहीं आए थे। लौट के आने पर इन्हें गोरखपुर भेजा जाएगा। इसमें भी समय लगेगा। इसके बाद वहां पता नहीं कब जांच होगी। इससे सैंपलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
ऐसे में 52 लोगों के फिर से सैंपल लेने पड़ेंगे। यदि इसमें कोई पॉजिटिव होगा तो दिक्कत बढ़ जाएगी। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि वाराणसी लैब में एक महिला कर्मी के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद जांच बंद की गई है। इसलिए बृहस्पतिवार के 52 सैंपल लौटा दिए गए हैं। अब आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलों के सैंपलों की जांच गोरखपुर कराई जाएगी। वाराणसी से लौटने वाले 52 सैंपल और शुक्रवार को लिए गए 35 सैंपलों को गोरखपुर भेजा जाएगा।