वाराणसी। लोकसभा चुनाव में एक-एक सीट पर आठ से दस लोग टिकट का दावा पेश कर रहे हैं। किसी एक को टिकट मिलने पर बाकी दावेदार नाराज हो रहे हैं। भले ही वह नाराजगी जाहिर न कर रहे हों, लेकिन अपने समाज के लोगों से विरोध करवा रहे हैं। कई समाज की बैठकों में यह कहा गया कि उनकी जाति के लोगों को टिकट नहीं दिया गया, इस नाते वे विरोध करेंगे।
टिकट नहीं पाने वाले दावेदारों ने समाज की शरण ली। इसके बाद समाज के कुछ लोगों ने अपनी जाति के लोगों को टिकट के लिए विभिन्न पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्षों तक को पत्र भेजा। निषाद, धोबी, कायस्थ, बिंद, राजभर आदि समाज के लोगों ने यूपी के कई जिलों में विरोध जताया, जिसे दबाने में पार्टियों के बड़े नेता कामयाब रहे। साथ ही विरोध के स्वर दबाने के लिए उसी समाज के दूसरे प्रभावशाली नेता को आगे किया है।