वाराणसी। ज्योतिष और द्वारका शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज ने बुधवार शाम शंकराचार्य घाट पर सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों से निर्मित कूर्म यंत्र की आरती व पूजन कर श्रीराम मंदिर निर्माण की कामना की। पहले यह अनुष्ठान 20 फरवरी को ही अयोध्या में होना था, लेकिन स्वामी स्वरूपानंद के वहां नहीं जा पाने के कारण यह आयोजन यहां हुआ।
यंत्र को आचार्य बेरुलाल चौबीसा के मार्गदर्शन में नौ वैदिक ब्राह्मणों ने तैयार किया। उन्होंने कहा- शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान शिव के पूजन से प्रभु श्रीराम प्रसन्न होते हैं। भगवान राम व शिव एक दूसरे के पूरक हैं। इसीलिए कूर्म यंत्र का पूजन कर अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण की कामना की गई। उन्होंने कहा कि हमें अयोध्या में रामजन्म भूमि स्थल पर मंदिर के अतिरिक्त कुछ भी स्वीकार नहीं है। उन्होंने पुलवामा में हुई आतंकी घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद का जड़ से सफाया होना चाहिए।
अयोध्या से पधारे बड़ा स्थान रसिक पीठाधीश्वर जन्मेजय शरण महाराज ने कहा कि पार्थिव शिवलिंग पूजन और श्रीराम मंदिर शिलान्यास का कार्यक्रम अयोध्या में होना था, लेकिन पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गुरुवार दोपहर 12 बजे प्रतीक स्वरूप श्रीराम मंदिर का मॉडल बनाकर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद शिलान्यास भी करेंगे। इस अवसर पर सुबुद्धानंद महाराज, स्वामी सदाशिव ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती, महंत महाराजमणि शरण सनातन महाराज, शारदानंद ब्रह्मचारी, संजय पांडेय आदि मौजूद रहे।