वाराणसी। टैक्स में गोलमाल और रिटर्न दाखिल करने में लापरवाही बरतने वाले व्यापारियों के खिलाफ वाणिज्यकर विभाग ने सख्त कदम उठाया है। विभाग ने जोन के करीब सौ से अधिक कारोबारियों का पंजीयन निरस्त कर दिया है। इनमें से पांच कारोबारियों के खिलाफ विभाग ने एफआईआर भी कराई है। इन करोबारियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन ले लिया था। विभाग की इस कार्रवाई से व्यापारियों में खलबली मच गई है।
जीएसटी लागू होने के बाद वाणिज्यकर विभाग ने समय पर रिटर्न न फाइल करने वालों के खिलाफ जांच शुरू कर दी थी। करीब सौ से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान ऐसे पाए गए जिन्होंने अभी तक न तो रिटर्न फाइल किया है और नही समय से टैक्स का भुगतान। ऐसे कारोबारियों को विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया और चेतावनी भी दी थी। इसके बाद भी व्यापारियों ने लापरवाही की। इस पर विभाग ने सभी का पंजीयन निरस्त कर दिया।
वाणिज्यकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 केके वर्मा का कहना है कि जोन में करीब 90 हजार से अधिक पंजीकृत व्यापारी है। कई बार चेतावनी देने के बाद भी व्यापारी नहीं माने तो उनके फर्मों का पंजीयन निरस्त करना पड़ा। इनमें से करीब पांच कारोबारी ऐसे थे जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म का पंजीयन लिया था। उनके भी प्रतिष्ठानों का पंजीयन कैंसिल कर एफआईआर कराई है। इनमें से अधिकतर कारोबारी लोहे का कारोबार करते हैं। वाणिज्य कर विभाग की कार्रवाई के बाद भी अगर ऐसे व्यापारी दुकान खोलकर व्यापार करते पाए गए तो सचल दल व विभागीय अफसर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए अर्थदंड वसूलेंगे। साथ ही दुकान भी सीज किया जा सकता है। फर्जी दस्तावेज के आधार पर जिन कारोबारियों ने पंजीयन लिया है ऐसे फर्मों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।