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‘प्री इंपोर्ट पॉलिसी से निर्यात प्रभावित’

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वाराणसी। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन (आईआईए) और भारत सरकार के विदेश व्यापार विभाग की तरफ से बुधवार को आयोजित कार्यशाला में उद्यमियों, निर्यातकों ने जिम्मेदार अधिकारियों के सामने खुलकर बात रखी। कहा कि सरकार के नए-नए कानून से कारोबार पर प्रभावित हो रहा है। खासकर प्री इंपोर्ट पॉलिसी का निर्यातकों पर प्रतिकूल प्रभाव दिखने लगा है।
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निर्यातकों की समस्याओं व उनके समाधान के बारे में चर्चा करते हुए आईआईए के मंडल अध्यक्ष और प्रमुख उद्यमी-निर्यातक आरके चौधरी ने कहा कि प्री इंपोर्ट पॉलिसी तत्काल समाप्त कर पहले के नियमों के अनुसार आयात-निर्यात की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यहां से पोर्ट दूर हैं। ऐसे में लैंड लोकेड एरिया में फ्रेट पर सब्सिडी दिए जाने की जरूरत है। जीएसटी से निर्यातकों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है, इसे तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि एमएसएमई के डिप्टी डायरेक्टर वीके वर्मा ने बताया कि 100 दिन-100 जनपद का लाभ एमएसएमई सेक्टर के लोगों को मिल रहा है। उद्यमी सीधे बैंक से संपर्क कर आवश्यकतानुसार ऋण ले सकते हैं। पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी को 20 के स्थान पर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। क्लस्टर योजना में सात कॉमन फैसिलिटी सेंटर एवं दो इंडस्ट्रियल स्टेट विकसित किए गए। डिप्टी डायरेक्टर जनरल विदेश व्यापार अमित कुमार ने पीपीटी के माध्यम से निर्यात बंधु के तहत 100 दिन-100 जनपद अभियान में उद्यमियों को संपर्क एवं सहयोग अभियान के बारे में बताया। इस अवसर पर आईआईए अध्यक्ष राजेश भाटिया, सुरेंद्र सिंह, नीरज पारिख, राहुल मेहता आदि मौजूद रहे।
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