वाराणसी। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को लक्ष्य दिया है कि वो अगले सौ दिन में आयुष्मान भारत से 50 फीसदी लाभार्थियों को जोड़ें। इसके लिए 15 से 30 जनवरी तक अलग अलग जिलों में कैंप लगाकर लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएं। आशाएं घर-घर जाकर लाभार्थियों को कैंप तक लाने का काम करें। कैंप में प्रभारी मंत्री स्वयं मौजूद रहेंगे।
शुक्रवार को होटल ताज में आयोजित पूर्वांचल के 19 जनपदों की क्षेत्रीय कार्यशाला में आयुष्मान भारत की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तीन सितंबर को इस योजना की शुरुआत हुई थी। सौ दिनों में हम 10 फीसदी लाभार्थियों तक पहुंच पाए हैं। कहा कि मैं आपको बड़ा लक्ष्य दे रहा हूं, अगले सौ दिनों में आप 50 फीसदी लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनवाएं। इस योजना के जरिये हम 50 करोड़ से अधिक लोगों को नि:शुल्क चिकित्सकीय सेवाएं देने जा रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ही देश भर में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी खोले जा रहे हैं। इसका सीधा लाभ गरीब जनता को मिलेगा।
इस दौरान मंत्री ने आयुष्मान सारथी मोबाइल एप्लीकेशन भी लांच किया। इस मोबाइल एप के जरिये आयुष्मान भारत से जुड़े अस्पतालों की लोकेशन, उनके यहां उपलब्ध चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी मिल सकेगी। अगले तीन से चार दिनों तक गूगल प्ले स्टोर पर ये एप्लीकेशन उपलब्ध होगा।
प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशांत त्रिवेदी ने कहा कि सभी के सहयोग से इस योजना को मात्र तीन महीने में ही पूरे प्रदेश में सफलता के साथ संचालित किया गया। स्टेट हेल्थ एजेंसी साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी संगीता सिंह ने बताया कि प्रदेश में अब तक 15,734 लाभार्थियों को नि:शुल्क लाभ दिया जा चुका है। डीएम सुरेंद्र सिंह ने भी वाराणसी जनपद में हुए कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया। नेशनल हेल्थ एजेंसी के परियोजना निदेशक निशांत जैन और नेशनल हेल्थ एजेंसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी इंदु भूषण ने भी योजना की जानकारी दी।
सम्मानित हुए लाभार्थी
आयुष्मान भारत के तहत नि:शुल्क इलाज पाए लाभार्थियों को स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मानित किया। इसमें बलिया की संगीता देवी व मीना देवी, भदोही की रीना देवी, मिर्जापुर के सूरज, अंबेडकरनगर के प्रवीण कुमार, वाराणसी की कृष्णा देवी, लाल बिहारी, मोनू शामिल रहे।