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ब्रांडिंग के लिए पीएम की मन की बात का सहारा

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वाराणसी। धोखाधड़ी की बुनियाद पर महमूरगंज में खोले गए स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालकों ने ब्रांडिंग के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए। स्कूल की ओर से यूट्यूब पर वीडियो पोस्ट कर एफएम चैनलों के नामी रेडियो जॉकी के प्लेसमेंट में अपनी अहम भूमिका बताने वाले संचालकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात को भी अपने संस्थान के प्रचार-प्रसार का जरिया बनाया। गौरतलब है कि 28 अप्रैल को सिगरा थाने में स्कूल संचालक साईं शेखर तिवारी, सेंटर हेड मोना जसलानी, यथार्थ दीप और प्रशांत शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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स्कूल के संचालकों ने इसके लिए पंफलेट छपवाया। पंफलेट में ऊपर पीएम मोदी की मन की बात और नीचे स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग का उल्लेख कर बताया गया कि देश की 90 प्रतिशत जनता तक पैठ बनाने का प्रभावी साधन रेडियो है। आने वाले समय में ब्रॉडकास्टिंग और ऑडियो इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जबरदस्त अवसर होंगे। दाखिला लेने जाने वाले छात्र-छात्राओं को सबसे पहले स्कूल के ब्रोशर के साथ यही पंफलेट थमा कर प्रभावित किया जाता था।
बताया जाता था कि पीएम मोदी ने कैसे देश भर में रेडियो को लोकप्रिय बना दिया है और इस क्षेत्र में रोजगार के असीमित अवसर हैं। दाखिला लेने के बाद स्कूल शत-प्रतिशत प्लेसमेंट कराएगा। इसी तरह से संचालकों ने इलाहाबाद स्थित स्कूल के सेंटर में प्रदेश के सत्ताधारी दल के एक कद्दावर मंत्री को आमंत्रित कर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के सामने धाैंस जमाई। इस कार्यक्रम के बहाने छात्र-छात्राओं को संचालकों ने यह भी बताया कि उनके संबंध इस तरह की ऊंची पहुंच रखने वाले कई लोगों से है।
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स्कूल का दावा है कि वे एक साल का डिप्लोमा और तीन महीने का सर्टिफिकेट कोर्स नोएडा स्थित इंद्रप्रस्थ एकेडमी नॉलेज इनीशिएटिव फाउंडेशन से मान्यता लेकर संचालित करते हैं। फाउंडेशन नोएडा स्थित द नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरप्रेन्योरशिप एंड स्माल बिजनेस डेवलपमेंट (निसबड) से संबद्ध है। मगर निसबड ने कहा कि ना तो इंद्रप्रस्थ उनके यहां से संबद्ध है और ना ही उनके नाम का सहारा लेकर कोई ट्रेनिंग दे सकता है।
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