वाराणसी। रजनहिया स्थित शराब ठेके पर गुरुवार की रात चखना विक्रेता बसंता यादव की हत्या के बाद पहुंची पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सही तरीके से तलाशी अभियान नहीं चलाया। इसी वजह से चखना की दुकान से लगभग सौ मीटर दूर पश्चिम दिशा में स्थित बगीचे में रात भर राजेश पड़ा रहा। ग्रामीणों का कहना था कि फायरिंग से घबराया राजेश खुद की जान बचाने के लिए भागा था। यदि पुलिस रात में ही घटनास्थल के आसपास का स्थान सही से खंगाला होता तो राजेश मिल जाता और क्या पता कि उपचार होने पर शायद उसकी जान बच जाती।
उधर, दोहरे हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमों ने पांडेयपुर से रजनहिया के बीच दो दर्जन से अधिक स्थान पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित की है। दो-तीन स्थान की फुटेज में कैद बाइक सवार तीन युवक पुलिस के शक के घेरे में हैं। समीप आई बारात की वीडियो रिकार्डिंग और फोटो भी पुलिस ने हासिल कर ली है।
रजनहिया स्थित शराब ठेके पर पहली बार हुई मारपीट की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। शुक्रवार को इलाके की चाय-पान की दुकानों पर चर्चाओं में मशगूल लोगों का कहना था कि यदि मारपीट की सूचना दे दी गई होती तो पुलिस मौके पर आती और फिर शायद ऐसी वारदात न होती। वहीं, जब बसंता को गोली मार दी गई तो सुभाष उसे लेकर मलदहिया स्थित निजी अस्पताल और फिर मंडलीय अस्पताल गया। इसके बाद शव लेकर घर चला गया और तकरीबन डेढ़ घंटे बाद वारदात की सूचना पुलिस को दी गई। उधर, परिजनों ने बताया कि बड़ागांव थाना के जमालपुर निवासी राजेश दो बच्चों का पिता था और एक माह पहले ही फूफा बसंता की चखना की दुकान पर काम करना शुरू किया था। बसंता के तीनों बेटों में सबसे बड़ा बृजेश टीटीई, दूसरा बहादुर किसान और सबसे छोटा सुभाष उसके साथ रहता था।