वाराणसी। गांवों के चौकीदार अब ग्राम प्रहरी कहलाएंगे। काशी प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात पुलिस लाइन में आयोजित ग्राम चौकीदार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में कहीं। कहा, हमेें समय के साथ नामकरण भी करना चाहिए इसलिए अब इन्हें ग्राम प्रहरी कहना सही होगा। यदि ग्राम प्रहरी की सूचनाओं को गंभीरता से लेकर थानेदार अपने अधिकारियों को समय से सूचित करते हुए सही कार्रवाई करें तो प्रदेश के गांवों में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि संभवत: यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री ने किसी जिले के भ्रमण के दौरान वहां ग्राम प्रहरियों को संबोधित और सम्मानित किया है।
निर्धारित समय से डेढ़ घंटे की देरी से सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री ने10 मिनट के संबोधन में 451 ग्राम प्रहरियों से कहा कि आप पुलिस महकमे की नींव के पत्थर हैं। आप दिखाई तो नहीं देते लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे भाइयों के बीच आकर मैं अभिभूत हूं और अभिनंदन करता हूं। ग्राम प्रहरी न केवल जमीनी हकीकत बताते हैं बल्कि छोटी-छोटी घटनाओं की सही जानकारी अधिकारियों को देते हैं। प्रदेश में 60 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं और इनसे ज्यादा ग्राम प्रहरी हैं। इनके साथ नियमित संवाद बहुत जरूरी है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने 10 ग्राम प्रहरियों को किट देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री का स्वागत पुलिस महानिदेशक जोन बी महापात्रा, आईजी रेंज दीपक रतन, एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने किया। संचालन एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव और आभार एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने जताया।