फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धरोहर सहेजने का लिया संकल्प, मिला इनाम

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। अतीत को सहेजना इसलिए जरूरी है ताकि उसे जान-समझकर हम बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें। यह बात शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के करीब एक हजार छात्र-छात्राओं ने सीखी। इसका मौका उन्हें मिला विश्व धरोहर सप्ताह के तहत हुए आयोजनों में। अंतिम दिन शनिवार को राज्य पुरातत्व विभाग और इंटैक वाराणसी के सहयोग से विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही, गुरुधाम मंदिर में आयोजन की अंतिम शाम शास्त्रीय गायन से सजी। इसी के साथ 19 से 25 नवंबर तक चले विश्व धरोहर सप्ताह का समापन हुआ।
विज्ञापन

सप्ताहव्यापी आयोजन कला प्रकाश और इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के सहयोग से किया गया। पूरे सप्ताह चली विरासत यात्रा, संरक्षित स्मारकों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी, चित्रकला प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, स्कूलों में व्याख्यान सहित कई आयोजन हुए। इस दौरान क्षेत्रीय निदेशक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र डॉ. विजय शंकर शुक्ला, डॉ. राजेंद्र उपाध्याय, प्रो. रेवती साकलकर, डॉ. सुप्रिया शाह, प्रो. मंजुला चतुर्वेदी, अमिताभ भट्टाचार्य ने विचार व्यक्त किए।
शाम को आयोजित संगीत संध्या में वृंदावन की उप शास्त्रीय गायिका आस्था गोस्वामी ने संगीत लहरियों से खूब तालियां बटोरीं। उन्होंने राग पुरिया धनाश्री में बड़ा ख्याल ‘बलि-बलि जाऊं’ सुनाया। इसके बाद छोटा ख्याल ‘पायलिया झंकार’, राग भैरवी में ठुमरी ‘नैन की मत मारो तलवरिया’ तथा समापन कृष्ण भजन से किया। हारमोनियम पर पं. अशोक झा, तबले पर पं. नंदकिशोर मिश्र तथा तानपुरे पर स्वाति उपाध्याय ने संगत की। इस मौके पर मुख्य अतिथि वीडीए के उपाध्यक्ष पुलकित खरे, विशिष्ट अतिथि ओम प्रकाश चौबे ‘धीरज’, अपर आयुक्त प्रो. एके सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन ज्योति सिंह, स्वागत क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव व अशोक कपूर ने धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें