वाराणसी। वीवीआईपी सिक्योरिटी के अलावा आतंकी घटनाओं जैसी किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए जिले में अब ‘पुलिस कमांडो’ तैनात होंगे। यह कमांडो दस्ता एनएसजी और एटीएस जैसा उच्च प्रशिक्षित और अत्याधुनिक असलहों से लैस होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के साथ ही यहां वीवीआईपी की बढ़ती आवाजाही और सुरक्षा फ्रंट की चुनौतियों के मद्देनजर इनकी तैनाती ‘स्वाट’ टीम के तौर पर की जाएगी। किसी भी विपरीत परिस्थिति में दिल्ली-लखनऊ एनएसजी या एटीएस के यहां पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा। ये कमांडो तत्काल मोर्चा संभालेंगे।
स्वाट कमांडो दस्ते में शामिल जवान जिला पुलिस के ही हैं लेकिन निर्धारित मानदंडों पर खरा उतरने के बाद इन्हें कमांडो प्रशिक्षण के लिए लखनऊ भेजा गया है। एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि कमांडो दस्ते के लिए 25 जवानों का चयन किया गया है। एनएसजी और एटीएस की तर्ज पर उन्हें दी जा रही डेढ़ महीने की कड़ी ट्रेनिंग सितंबर महीने के आखिरी तक पूरी हो जाएगी और ये कमांडो जिले में वापस आ जाएंगे। वाराणसी जैसे प्रमुख और संवेदनशील शहर के लिए ऐसे कमांडोज की अत्यधिक जरूरत है। अत्याधुनिक असलहों और उपकरणों से लैस ये जवान किसी भी आपात स्थिति से निबटने में सक्षम होंगे।