फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहली बारिश में ही धुल गए दावे

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। बारिश के पहले तक व्यवस्थाएं ठीक करने के दावे रविवार को धुल गए। रविवार सुबह झमाझम बारिश के चलते सड़कें पैदल चलने लायक भी नहीं थीं। शहर की हृदयस्थली गोदौलिया चौराहा हो या अन्य कोई इलाका, हर जगह खुदाई की गई लेकिन पाटा नहीं गया। शासन की ओर से सख्त हिदायत के बाद भी समय से सीवेज पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं हुआ और न ही गड्ढे पाटे गए।
विज्ञापन

बारिश से गिरजाघर चौराहे से लेकर गोदौलिया चौराहा तक कीचड़ फैला हुआ है। खुदाई के बाद गड्ढे ठीक ढंग से नहीं पाटने से जगह-जगह जलभराव हो गया। यही हाल महावीर मंदिर चौराहा, पांडेयपुर, चौकाघाट पुल के नीचे था। सड़कों पर फैले कीचड़ से फिसलन और गंदगी बढ़ गई। इसके अलावा जिन इलाकों में आईपीडीएस के तहत भूमिगत केबल के बिछाने का काम चल रहा है, वहां की स्थिति ओर खराब थी। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल था।
उमस और गर्मी से मिली राहत, किसानों में खुशी
बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। किसानों में भी खुशी लौट आई है। धान की नर्सरी को इससे फायदा होगा। धान की रोपाई भी अब शुरू होगी। किसानों भी बारिश नहीं होने से मायूस होने लगे थे लेकिन अब उनके चेहरे पर खुशी के भाव दिखने लगे हैं। इससे धान की नर्सरी तेजी से तैयार होगी। खेत तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन

----------
पूर्वांचल में 53 फीसदी कम हुई बारिश
- तीन से चार दिन तक अच्छी बारिश के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी।
मानसून के आने के समय से अब तक पूर्वांचल में आधे से भी कम बारिश हुई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अब तक 47 फीसदी ही बारिश हुई है। इससे खेती-किसानी और जल स्रोत पर असर पड़ सकता है।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक 53, बिहार में 50 और झारखंड में 38 फीसदी बारिश कम हुई है। इसकी वजह मानसून के देरी से आने, बंगाल की खाड़ी में अभी भी कम दबाव का क्षेत्र अच्छी तरह से न बनना है। अरब सागर की मानसूनी हवाएं कानपुर से पूरब की ओर सोनभद्र तक आकर रुक गई। बंगाल की खाड़ी का मानसून पटना में अटका। बीच के क्षेत्र में शैडो जोन होने के कारण मानसून पूरी रफ्तार अभी नहीं पकड़ सका है लेकिन अब पूर्वांचल में तीन से चार दिनों तक अच्छी बारिश के संकेत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें