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पिपरडीह में पोकेलन से होते मिला बालू खनन0

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पिपरडीह में पोकेलन से होते मिला बालू खनन
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सोनभद्र। खान विभाग, तहसील प्रशासन और दुद्धी पुलिस की चुप्पी के चलते पिपरडीह बालू साइट पर बुधवार को भी पोकलेन से खनन होते मिला। यही नहीं रोक के बावजूद इस साइट से ट्रकों पर बाड़ी से उपर बालू की लोडिंग कराई जा रही है। ऐसे में सीमांकन कराये बिना पोकलेन से बालू खनन से खान अधिकारी, तहसील प्रशासन और दुद्धी पुलिस का गठजोड़ सवालों के घेरे में है। इस साइट के पार्टनर पूर्व में पड़ोसी राज्यों से खान विभाग के पूर्व एवं मौजूदा बैरियर इंचार्जों की मिली भगत से ओवरलोड वाहन पार कराते थे। उधर, खेवंधा में दोपहर के वक्त पोकलेन मशीनें बंद मिली।
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बताते चलें बालू की नई साइट शुरू होते ही बालू कारोबारियों की दबंगई शुरू हो गई है। सपा सरकार में हो रही मनमानी अब भी जारी है। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में पेज नंबर छह पर वैध की आड़ में बालू का अवैध खनन शीर्षक से समाचार छापा तो हड़कंम मच गया। जिलाधिकारी ने खान अधिकारी को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए और मिर्जापुर मीटिंग में चले गए मगर खान अधिकारी शाम तक टीम भेजने की बात कहते हुए बालू साइट संचालकों को अधिक से अधिक लोडिंग कराने का समय देते रहे। बुधवार को दोपहर अमर उजाला की जांच पड़ताल में खेवंधा बालू साइट पर पोकलेन बंद मिली तो पिपरडीह शिवा कंस्ट्रक्शन की साइट पर पोकलेन चलते मिला। हैरानी तब हुई जब यहां मौजूद ठेकेदार के एक कारिंदे ने बताया कि इस साइट से जयपुर के अलावा मध्यप्रदेश के दबंग ट्रांसपोर्टर जुड़े हैं। चूंकि ई टेंडरिंग में बोली ज्यादा लगाई गई है इस नाते वह लोग पोकलेन से खनन करा रहे हैं। गुरुवार से पांच सात पोकलेन मशीनें और ंलगाई जाएगी। हद तब हो गई जब सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी इस बालू साइट पर बाड़ी से अधिक तक लोडिंग होती रही। वहीं जयेष्ठ खान अधिकारी पीके दास से शाम पांच बजे उनके मोबाइल पर पोकलेन चलने के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने टीम भेजी है। साइट पर पोकलेन चल रही है या नहीं टीम के आने के बाद ही कह पाएंगे।
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