वाराणसी। काशी से 51 सनातनियों का दल नेपाल जाएगा। नेपाल में मौजूद दो शक्तिपीठों का भ्रमण कर दल वहां के संरक्षण और जीर्णोद्धार की प्रक्रिया की जानकारी हासिल करेगा। इन पीठों के इतिहास से लेकर इसकी स्थिति और मूल स्थान को लेकर बने संशय को भी दूर करने की कोशिश की जाएगी। दल इसी माह के अंत तक नेपाल जाएगा।
सेंटर फॉर सनातन रिसर्च भारत सहित अन्य देशों में मौजूद 51 शक्तिपीठों के संरक्षण से लेकर जीर्णोद्धार के कार्य में लगा है। इसी क्रम में सनातनियों का दल नेपाल के दो शक्तिपीठ गुहेश्वरी देवी और मुक्तिनाथ धाम जा रहा है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रमन त्रिपाठी ने बताया कि नेपाल की इन दोनों शक्तिपीठों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। इसके जीर्णशीर्ण होने पर उसकी मरम्मत करवाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। रिसर्च की टीम इसके इतिहास के बारे में जानने के साथ ही इन दोनों पीठ के मूल स्थान को लेकर चल रहे संशय को भी दूर करने का प्रयास करेगी। 51 शक्तिपीठों में बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी एक-एक शक्तिपीठ हैं। उन्होंने बताया कि 18 मई को दिल्ली में हुई बैठक में सभी शक्तिपीठों व द्वादश ज्योतिर्लिंगों के साधु-संत और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था और धर्मस्थ्लों के संरक्षण पर चर्चा की गई थी।
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पशुपतिनाथ व जनकपुर भी जाएंगे
सनातनियों का दल पशुपतिनाथ और जनकपुर भी जाएगा। इन मंदिरों की भी व्यवस्था से रूबरू होंगे। संस्था के प्रभारी रामकृष्ण पांडेय ने बताया कि इन मंदिरों की स्थिति से अवगत होने के बाद इनके भी संरक्षण की जानकारी ली जाएगी।