मुख्य वक्ता संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विशंभर नाथ मिश्र ने कहा कि चंद्रशेखर जी की वाणी और कर्म में अद्भुत एकरूपता थी। उनके राजनीतिक दर्शन पर गांधी और आचार्य नरेंद्र देव की अमिट छाप थी। वहीं, विशिष्ट अतिथि सैयदराजा के भाजपा विधायक सुशील सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी वोट बैंक की राजनीति नहीं की, बल्कि लोक कल्याण को सर्वोपरि रखा। भाजपा प्रवक्ता अशोक पांडे ने उन्हें जेपी आंदोलन का प्रमुख स्तंभ बताया।
चंद्रशेखर फाउंडेशन के अध्यक्ष हिमांशु सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला और संचालन छात्र नेता अभिषेक सिंह ने किया। प्रो. आनंद, रत्नाकर त्रिपाठी, अजीत सिंह और पंकज पाठक माैजूद रहे।