पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मकान को विशाल सिंह ने लीज पर लिया था। इसी मकान से जुए के संचालन की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जुए के अड्डे का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
गिरफ्तार आरोपियों के बारे में पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। साथ ही पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जुए के संचालन में और कौन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।
डीसीपी क्राइम नीतू काद्यान के अनुसार, मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस संगठित अपराध से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। प्रकरण में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।