वाराणसी। बीएचयू में चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह के इस्तीफे पर कुलपति ने मुहर लगा दी। सोमवार को इसका लिखित आदेश भी जारी हो गया। हालांकि विश्वविद्यालय के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से 24 अप्रैल को ही इसकी सूचना जारी कर दी गई थी। इसमें पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने यह बताया था कि चीफ प्राक्टर ने कुलपति से अपने को रिलीव करने को कहा और छुट्टी पर चली गईं थीं। इसके साथ ही उन्होंने प्रो. श्रद्धा सिंह को चीफ प्राक्टर के पद का निर्वहन करने की जानकारी दी थी।
इस बीच सोमवार को प्रो. रोयाना सिंह के चीफ प्राक्टर आफिस में आने और महिला महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्यों के साथ मौजूद रहने की चर्चा जोरों पर रही। विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान में एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर और पूर्व में प्राक्टर रहीं प्रो. रोयाना सिंह को पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी के कार्यकाल में छात्राआें पर लाठीचार्ज की घटना के बाद तत्कालीन चीफ प्राक्टर प्रो. ओएन सिंह को हटाकर चीफ प्राक्टर बनाया गया था। तब से लेकर अब तक कैंपस में चंदन के पेड़ चोरी से लेकर विभागों में छिटपुट चोरी की घटनाओं के साथ ही आए दिन मारपीट, आगजनी, तोड़फोड़, पथराव की घटनाएं होती रहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए छात्रों, सामाजिक , राजनीतिक संगठनों के लोग कार्रवाई की मांग करते चले आ रहे थे। इसी बीच दो अप्रैल को परिसर में बिड़ला हॉस्टल के गेट के सामने एमसीए छात्र गौरव सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में भी प्रो. सिंह पर साजिश रचने का मुकदमा दर्ज हुआ।