वाराणसी। पीओके स्थित आतंकी कैंपों पर वायुसेना की सर्जिकल स्ट्राइक से मंगलवार को पूर्व सैनिक और अर्द्धसैनिक बलों के जवान खुशी से झूमे। 95 सीआरपीएफ के कमांडेंट नरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सीआरएपीएफ और सेना का प्रत्येक जवान इस कार्रवाई से गौरवान्वित है। वायुसेना की कार्रवाई आतंकवाद के समूल नाश के लिए जरूरी है।
कारगिल युद्ध में दुश्मनों की दस गोली शरीर पर लगने के बाद भी अपनी पोजिशन न छोड़ने वाले पहड़िया के जवान अलीम अली ने कहा कि शहीदों के त्रयोदशाह से पहले ही वायुसेना ने शहादत का बदला ले लिया। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि देश की सेना ने पाकिस्तान को उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब दिया है।
मिर्जामुराद क्षेत्र के ठटरा गांव के पूर्व सैनिक सुरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि कार्रवाईसे पूरी दुनिया में संदेश गया है कि जो भारत को छेड़ेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
बिहड़ा गांव के पूर्व सैनिक विजय बहादुर सिंह ने कहा कि हिंद की सेना सदा से सर्वश्रेष्ठ रही है। कार्रवाई उसी सर्वश्रेष्ठता का एक हिस्सा है। कार्रवाई से देश भर के लोग खुश हैं।
229 बटालियन सीआरपीएफ के जवान चंदन यादव ने कहा कि रणनीति के तहत माकूल जवाबी कार्रवाई की गई है। ऑपरेशन में शामिल रहे वायुसेना के जवानों को हमारा सलाम।
40 बटालियन सीआरपीएफ के जवान धर्मेंद्र ने कहा कि यह तो शुरुआत है। आतंकियों को हम चुन-चुन कर मारेंगे। वायुसेना के ऑपरेशन ने गजब की खुशी दी है।
सेवानिवृत्त ऑनरेरी सूबेदार राजेंद्र राम ने कहा कि वायुसेना के साहस की जितनी भी सराहना की जाए, कम होगी। यह हमला पाकिस्तान पर नहीं, बल्कि उसकी सोच के खिलाफ है।
सेवानिवृत्त हवलदार कॉमेश्वरनाथ राय ने कहा कि वायु सेना ने एयर स्ट्राइक से करारा जवाब दिया है। आतंकवाद के खिलाफ समूचा विश्व भारत के साथ है, यह बात पाकिस्तान को समझनी चाहिए।