वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर से गंगा तट अब आसानी से दिखाई देने लगा है। कॉरिडोर के लिए खरीदे गए भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 100 भवन धराशाई हो चुके हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मणिकर्णिका और फिर मीर घाट से लेकर मंदिर तक कुल 296 भवनों, सरकारी गैर सरकारी और निजी संपत्तियों को कॉरिडोर के लिए खरीदना और अधिग्रहण करना है। इसमें से 204 निजी संपत्तियां खरीदी जा चुकी हैं। इन्हें गिराया जा रहा है। अब तक 100 भवन ध्वस्त हो चुके हैं। 100 भवनों के गिरने के बाद अब मंदिर कार्यालय की छत से गंगा और उस पार का पूरा क्षेत्र दिखने लगा है। जल्द ही विश्वेश्वर पर्वत क्षेत्र से भी गंगा का किनारा दिखने लगेगा। ध्वस्तीकरण के प्रभारी तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि भवनों के गिराने से जगह दिखने लगी है। दो दिन से भीड़ के चलते ध्वस्तीकरण और मलवा हटाने का काम धीमा हो गया है।