वाराणसी। 27 साल पहले नौ वर्ष की मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी कल्लू और रहमान को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी पाया। न्यायाधीश सर्वेश कुमार पांडेय की अदालत ने दोनों को 10-10 वर्ष की कड़ी कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा मंगलवार को सुनाई।
एडीजीसी प्रथमेश पांडेय के मुताबिक, 23 सितंबर 1991 की शाम वादी की नौ वर्षीय पुत्री अपनी छोटी बहन को खाना खिला रही थी। पास में अन्य छोटी बच्चियां खेल रहीं थी। इसी दौरान पड़ोसी रहमान आया और छोटी बच्चियों को अहाते से निकाल कर बाहर कर दिया। इसके बाद पीड़िता से कहा कि छोटी बहन को घर पहुंचा कर आओ तो मिठाई दूंगा। मासूम अपनी बहन को मां के पास छोड़ कर उसी अहाते में वापस आ गई। शाम छह बजे अहाते से मासूम की चीख सुनाई दी तो वादी और गांव के अन्य लोग वहां पहुंचे। लोगों को देखते ही कल्लू और रहमान मौके से भाग निकले थे। पीड़िता के बयान के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने अदालत मेें आरोप पत्र दाखिल किया था।