वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर स्थित फार्मेसी में कैंसर की दवा कीमोथिरेपी के दाम में अंतर मिलने के मामले की जांच में बुधवार को तेजी आ गई है। जांच अधिकारी ने मामले में संबंधित फार्मेसी से जुड़े लोगों को बुलाकर पूछताछ की। इसके साथ ही उन्होंने कीमोथिरेपी की इस दवा के लिए मरीज को बताए गए खर्च का विवरण भी तलब किया है।
बीएचयू अस्पताल में रेडियोथिरेपी विभाग के तहत इलाज करा रहे बिहार निवासी मरीज के कहने पर ही इसकी शिकायत चिकित्सा अधीक्षक से की गई थी। इसमें मरीज ने अंदर की फार्मेसी से कीमोथिरेपी की दवा के 55 हजार और बाहर एक मेडिकल स्टोर पर 16 हजार मिलने का जिक्र किया था। कैंसर के मरीज से इसकी जानकारी मिलने के बाद ही चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्र ने मामले की जांच इमरजेंसी प्रभारी डॉ. कुंदन कुमार को सौंपी है। मामले का खुलासा होने के बाद अब अस्पताल परिसर में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। बताया कि किसी भी मरीज के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। सभी मरीजों को सस्ती दवा और बेहतर इलाज का लाभ मिल सके, इसके लिए एक जनवरी से अस्पताल में ब्रांडेड दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, चिकित्सकों से केवल जेनेरिक दवाएं लिखने को को ही कहा गया है। अस्पताल में इसके लिए गठित कमेटी की आपात बैठक भी बुलाई गई हैं, जिसमें जेनेरिक दवा बिक्री सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।