वाराणसी। गहराते पर्यावरण संकट का समाधान ढूंढने के उद्देश्य से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में दो दिवसीय पर्यावरण कुंभ का शुभारंभ शनिवार को होगा। इसमें देश भर के पर्यावरणविद हिस्सा ले रहे हैं, जो इस गंभीर संकट से निपटने की राह सुझाएंगे और सभी संबंधित पहलुओं पर मंथन करेंगे। इस वैचारिक कुंभ का उद्घाटन दोपहर दो बजे केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा करेंगे। अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा करेंगे। मुख्य वक्ता सुरेश जी सोनी होंगे। वहीं दूसरे दिन रविवार को प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे। समापन सत्र में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी रहेगी।
शनिवार को प्रेसवार्ता में कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि काशी विद्यापीठ के क्रीड़ा मैदान में कुल पांच सत्राें में आयोजित इस पर्यावरण कुंभ में प्रथम सत्र में बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के पूर्व चेयरमैन डॉ. एसपी गौतम का व्याख्यान होगा। इस सत्र में पर्यावरण व भारतीय जीवन शैली पर विचार विमर्श होंगे। इससे पहले पर्यावरण कुंभ के उद्घाटन सत्र से पहले पूर्वाह्न 11 बजे डॉ. दिनेश शर्मा प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। शाम को सांस्कृतिक संध्या और समूह चर्चा होगी। दूसरे दिन रविवार को द्वितीय सत्र में भारतीय मौसम विभाग के पूर्व डायरेक्टर जनरल डॉ. एलएस राठौर का व्याख्यान होगा। तृतीय सत्र में कृषि व पर्यावरण और चौथे सत्र में जल और ऊर्जा पर चर्चा होगी। समापन सत्र शाम चार बजे से शुरू होगा। इस कुंभ में डॉ. गजानंद डांगे, नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री की निदेशिका नाज रिजवी, वैज्ञानिक शक्ति कुमार, सीआर मंगेश, हेल्थ कम्यूनिटी डेवलमेंट के हेड डॉ. पुनीत मिश्रा, आईआईटी मुंबई प्रो. सिरीश केदारे, बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह, डॉ. कल्लू गौतम समेत देश भर से कई अन्य पर्यावरणविद भी आ रहे हैं। कुलपति ने बताया कि कुल 2850 का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इस दौरान 80 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश की 117 और उत्तर प्रदेश के बाहर की 132 पर्यावरण से जुड़ी संस्थाएं भी भाग ले रही हैं। प्रेसवार्ता में कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्या, संयोजक प्रो. ओम प्रकाश सिंह मौजूद रहे।
काशी विद्यापीठ में आज से शुरू होने वाले पर्यावरण कुंभ के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने शुक्रवार को डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी पहुंचे। उन्होंने तीनों पंडालों का जायजा लिया। वहीं देर शाम प्रभारी मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने भी तैयारियों का जायजा लिया।