लोहता। कन्हईसराय चौक गांव में दरोगा और तीन सिपाहियोें की पिटाई कर बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार हाजी यासीन सहित 27 आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) महेंद्र कुमार सिंह की अदालत में पेश किया। अदालत ने सारे आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस इनमें से चिह्नित चार के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करेगी। उधर, गांव में लोहता सहित चार थानों की फोर्स, पीएसी और क्यूआरटी लगातार दूसरे दिन भी चक्कर लगाती रही। पुलिस की कार्रवाई के डर से घर छोड़ कर भागे गांव के पुरुष फिलहाल घर नहीं लौटे हैं और महिलाओं व बच्चों में भय का माहौल है। इस बीच गांव के पावरलूम पूरी तरह से बंद रहे।
लोहता थाना अंतर्गत कन्हईसराय चौक गांव में बुधवार की सुबह अपहरण के एक आरोपी के दोस्त को पकड़ने के लिए सादे कपड़ों में दरोगा भूपेंद्र सिंह और सिपाही पवन कुमार, मैनेजर चौहान व राहुल प्रसाद गए थे। चारों को बदमाश समझ कर ग्रामीणों ने पिटाई की और फिर रस्सी से खंभे से बांध दिया। सूचना पाकर पुलिस ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चारों पुलिसकर्मियों को मुक्त कराया था। इसके बाद शाम के समय एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने दस थानों की फोर्स, पीएसी और एटीएस कमांडो के साथ कन्हईसराय चौक गांव में सर्च आपॅरेशन चला कर 46 लोगों को पकड़ा। पूछताछ के बाद हाजी यासीन सहित 27 को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ दरोगा भूपेंद्र सिंह की तहरीर पर गंभीर आपराधिक आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि गांव में पूरी तरह से शांति का माहौल है और पुलिस की नजर है। कानून व्यवस्था हाथ में लेने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।