वाराणसी। काशी के अनूठे आयोजन महामूर्ख मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार पहली अप्रैल को आयोजन का स्वर्ण जयंती समारोह मनाया जाएगा। राजेंद्रप्रसाद घाट पर महामूर्ख मेले की महफिल सजेगी। इस बार की थीम ‘गंगा को मैली करो’ रखा गया है। थीम आधारित रचनाओं के जरिए कवि-रचनाकार गंगा की मौजूदा दशा-दिशा का चित्रण करते हुए व्यवस्था पर तंज कसेंगे।
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी शनिवार गोष्ठी के अध्यक्ष जगदंबा तुलस्यान और सचिव पं. सुदामा तिवारी सांड़ बनारसी ने संयुक्त रूप से दी। मारवाड़ी युवक संघ लक्सा में बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस मेले का आकर्षण विवाह है क्योंकि विवाह ही मनुष्य जीवन की सबसे बड़ी मूर्खता है। यह जोड़ा आयोजन स्थल पर यकायक हाजिर होगा। इस दौरान शनिवार गोष्ठी की पत्रिका ‘पहली अप्रैल’ का विमोचन होगा। इसके साथ ही युवा कवि विजेंद्र मिश्र दमदार की पुस्तक रसा की गजलें और दूसरी प्रस्तुति कवि श्यामलाल यादव फक्कड़ गाजीपुरी द्वारा रचित कुछ मेरे मन की का विमोचन किया जाएगा। आयोजन में राजस्थान, दिल्ली, मध्यप्रदेश व अन्य स्थानों से हास्य-व्यंग्य के कवि शामिल होंगे।