राम रमापति बैंक में रामनाम के खजाने के दर्शन के लिए चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर भक्तों का रेला उमड़ा। श्रीराम राम नाम और शिवनाम की अपूर्व झांकी और परिक्र मा के साथ ही दस दिवसीय आयोजन रविवार से आरंभ हुआ। त्रिपुरा भैरवी स्थित राम रमापति बैंक में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। रामनाम की परिक्रमा कर पुण्य बटोरने के लिए शहर के अलावा कई प्रदेशों के दर्शनार्थी भी पहुंचे।
रविवार को त्रिपुरा भैरवी स्थित राम रमापति बैंक में पारंपरिक अनुष्ठान हुए, भगवान को मिश्री और मक्खन का भोग लगा कर वितरित किया गया। बैंक प्रबंधक दास कृष्णचन्द्र ने बताया की बैंक में इस समय हजारों स्त्री-पुरुष, साधु-संतों और भक्तों द्वारा 19 अरब 28 करोड़ 81 लाख 50 हजार श्रीराम नाम तथा सवा करोड़ शिवनाम की अपूर्व झांकी एवं इसकी परिक्रमा भी रविवार से शुरू हुई। दिन में दोपहर 12 बजे प्रभु श्रीराम का विधि पूर्वक जन्म हुआ। इस दौरान पूरा मन्दिर भगवान श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। बधाई गीतों और सोहर से प्रभु का गुणगान के बाद भगवान की भव्य आरती उतारी गई। भक्तों में तुलसी की माला चढ़ाने और राम नाम की परिक्रमा करने की होड़ लगी रही। इसी क्रम में रेड जोन विश्वनाथ मन्दिर के समीप अक्षयवट हनुमान मंदिर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया।
दस दिनों तक होगा कलियों का वितरण
उन्होंने बताया की प्रतिदिन सुबह 8 से शायनकाल आठ बजे तक लेखन, जाप, पाठ के नई कलियों का वितरण दस दिनों तक चलेगा। 26 मार्च को 1 बजे से भगवान को चढ़े वस्त्र एवं खिलौने का बच्चों में वितरण किया जायेगा। इसी दिन से 3 अप्रैल तक प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक नृत्य कथा और कीर्तन होगा। रात्रि में सांस्कृतिक समारोह और भगवान के चरित्र का वर्णन होगा। 31 मार्च को दिन में भक्तों में प्रसाद वितरण होगा। मंगलवार 3 अप्रैल को महोत्सव की पूर्ण आहुति होगी और सायंकाल भजन सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।