वाराणसी। विश्वनाथ गली व्यवसायिक समिति की मंगलवार की देर शाम हुई बैठक में व्यापारियों ने मंदिर अधिकारियों की मनमानी से क्षुब्ध होकर आत्मदाह की धमकी तक दे डाली। इस संबंध में सीएम को पत्र भेजकर मिलने का समय मांगा है। व्यापारियों ने कहा कि बीते एक माह से ज्ञानवापी के 19 दुकानदाराें के मंदिर प्रशासन उखाड़ फेंका है। इसके बाद से केवल सांत्वना दी जा रही है। यहां तक की राज्यमंत्री भी आए और चले गए। सैकड़ों परिवार के पेट पर मंदिर प्रशासन ने जो वार किया है उसके बाबत अब तो कोई अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है। शोषण बढ़ रहा है।
मुख्य कार्यपालक के बर्ताव से सभी व्यापारी वर्ग नाखुश हैं । व्यापारियों ने कहा कि सरस्वती फाटक से लेकर नीलकंठ तक दुकानें पिछले चार दिनों से ध्वस्तीकरण को लेकर बंद हैं। लगातार हमें चोट पहुंचाई जा रही है । मकर संक्रांति पर्व पर दूर दराज से दर्शनार्थी आते है। मंदिर प्रशासन का यह व्यवहार अमानवीय है। सरस्वती फाटक से लेकर नीलकंठ से आगे काशी करवट तक लगभग 30 दुकानें बंद चल रही है। आखिर विकास के नाम पर यह शोषण ठीक नहीं है। यदि 19 जनवरी के पहले कोई समाधान नहीं निकलता है तो व्यापारी आत्मदाह के लिए विवश होंगे। बैठक में व्यापारियों में महेश चंद्र मिश्र, सोनालाल सेठ, नवीन गिरी, संजीव रत्न मिश्र आदि शामिल रहे।