ज्ञानपुर। पुरुवा हवाओं ने धुंध का ऐसा गुबार झोंका कि पांच मीटर बाद की दृश्यता भी गुम हो गई। सड़कों पर यातायात ठहर सा गया और सामान्य जनजीवन भी हवा के साथ कोहरे का उड़ता गुबार देखकर सकते में आ गए। इस दौरान 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलीं ठंडी हवाओं ने गलन में बेतहाशा इजाफा कर दिया। यही वजह रही कि सूर्य की किरणें धरती तक पहुंचने के बाद लोगों ने थोड़ी राहत जरूर महसूस की, लेकिन गलन ने मुश्किलें बढ़ाए रखीं।
कालीन नगरी में 10 दिनों से लगातार कहर बरपा रही सर्दी का असर धूप निकलने के बाद भी मुश्किलों भरा है। शीतलहरी और गलन के चलते तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान सात डिग्री दर्ज किया गया। हफ्ते भर से सात डिग्री के आसपास रह रहे न्यूनतम तापमान के चलते जिले का जनजीवन बेपटरी हो गया है। सुबह टहलने के लिए निकलने वालों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को सुबह पौ फटी तो घने कोहरे की चादर तनी थी। यही नहीं पुरुवा हवा के झोंकों के साथ धुंध का गुबार वातावरण में तैरता रहा। इससे सबसे ज्यादा परेशानी सड़क पर चलने वालों को हुई। तमाम वाहन सवार सड़क के किनारे गाड़ी खड़ाकर जगह-जगह खड़े दिखे। जो वाहन चले भी उन्हें दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। जिले भर के मार्गों के अलावा यह हाल वाराणसी-इलाहाबाद हाईवे का भी रहा। कोहरे के चलते सुबह सड़कों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह वाहन रेंगते हुए चल रहे थे। हालांकि धूप निकलने के बाद यातायात में थोड़ी तेजी आई, लेकिन ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा। कई ट्रेनें घंटों विलंबित चलीं।