ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी किसान ऋण मोचन योजना के तहत अब एनपीए किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा। कृषि विभाग ने कोआपरेटिव बैंक के 5300 कर्जदार किसानों की सूची सत्यापन के लिए तहसीलों को भेज दी है। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद इन किसानों की कर्जमाफी शुरू कर दी जाएगी। कोआपरेटिव संग अब छह अन्य बैंक के किसानों का कर्जमाफी के लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है।
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद जिले में 22 हजार किसानों को कर्जमाफी के लिए चिह्नित किया गया था। तीन चरणों में करीब 12 हजार किसानों को ऋण मोचन योजना के तहत लाभान्वित किया गया। तीन चरणों में किसानों को ऋणमाफी का लाभ देने के बाद कृषि विभाग अब एनपीए (नान परफार्मेंस एकाउंट) किसानों को ऋणमाफी का लाभ देने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुट गया है। शुरूआती दौर में सहकारी कोआपरेटिव की पांच शाखाओं से 6600 किसानों की सूची कृषि विभाग को भेजी गई थी। विभागीय स्तर से पड़ताल करने के बाद 5300 किसानों को इस श्रेणी में पाया गया है, जिनकी सूची सत्यापन के लिए तहसीलों में भेजी गई है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि तहसीलों से सत्यापन होने के बाद एनपीए किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से बैंक आफ इंडिया, यूनियन बैंक, एसबीआई, गोमती ग्रामीण बैंक समेत छह बैंको को भी एनपीए ऋणमाफी में शामिल करने की सहमति मिल गई है। कोआपरेटिव के बाद इन बैंकों के कर्जदार किसानों को भी इसका लाभ दिया जाएगा।