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पैंतीस साल बाद चारागाह की भूमि कब्जे से मुक्त

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बाबतपुर (वाराणसी)। बड़ागांव ब्लाक के लखापुर गांव में पिछले 35 वर्षों से चारागाह जमीन पर चले आ रहे अवैध कब्जे को रविवार को प्रशासन ने हटवा दिया। करीब पांच घंटे तक फोर्स के साथ एसडीएम पिंडरा ने दर्जन भर से अधिक अवैध निर्माण हटवाए। इस दौरान वहां बिजली के अवैध कनेक्शन भी कटवा दिए गए। चारागाह की भूमि की मापी के बाद अतिक्रमण ढहाने के लिए जेसीबी बुलाई गई थी लेकिन अतिक्रमणकारियों ने खुद अवैध निर्माण हटाने का काम शुरू कर दिया। इस दौरान सैकड़ों की तादाद में तमाशबीन जुट हुए थे।
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एसडीएम नागेंद्र नाथ यादव दिन के 11 बजे चारागाह की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पहुंचे। उनके साथ क्षेत्राधिकारी बड़ागांव, नायब तहसीलदार के अलावा तीन लेखपाल एवं दो कानूनगो भी पहुंचे थे। चारागाह की भूमि की नापी शुरू कराने के साथ ही अतिक्रमणकारियों को खुद अवैध कब्जा हटाने की चेतावनी दी। जेसीबी भी पहुंच गई लेकिन अतिक्रमण करने वाले खुद कब्जा हटाने लगे। खरावन ग्राम पंचायत के लखापुर गांव में आराजी नंबर -820 पर लगभग आठ बीघे जमीन पर अवैध ढंग से कब्जा कर लिया गया था। 2014 में गांव के सोनू यादव की लिखित शिकायत पर तत्कालीन तहसीलदार ने आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, मगर बाद में प्रशासन की उदासीनता से अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ता गया। मौजूदा समय चारागाह की जमीन पर एक दर्जन से अधिक लोगों ने स्थाई मकान बना लिया था। अमर उजाला ने बीते छह दिसंबर को ‘चारागाह की जमीन पर कब्जा, प्रशासन बेफिक्र’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद एसडीएम पिंडरा ने चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जे की जांच के लिए टीम गठित कर दी थी। जांच के दौरान अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई। सात महीने में एसडीएम ने 72 बीघे ग्राम पंचायत की जमीन को कब्जा मुक्त कराया।
नागेंद्र नाथ यादव, एसडीएस पिंडरा ने बताया कि लखापुर गांव में चारागाह की जमीन से अतिक्रमण हटवा दिया गया है। सार्वजनिक भूमि पर अगर कोई भी अवैध ढंग से कब्जा करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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