वाराणसी। रामनगर में पूरी ताकत झोंकने के बाद भी कांग्रेस को मुुंह की खानी पड़ी। बागी प्रत्याशी रेखा शर्मा ने चेयरमैन पद पर जीत हासिल करके कांग्रेस को करारा झटका है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेशपति त्रिपाठी के दबाव में कांग्रेस ने रेखा शर्मा का टिकट काटकर शैलैंद्र किशोर पांडेय ‘मधुकर’ को दिया था।
रामनगर की सीट को इस परिवार ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर यहां खासतौर पर आए थे। बावजूद इसके कांग्रेस चौथे नंबर पर खिसक गई। कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने यहां जातीय समीकरणों कांग्रेस ने उसका भी ध्यान नहीं रखा। सीट सामान्य होने का हवाला देकर रेखा का टिकट काट दिया गया। भाजपा और कांग्रेस ने ब्राह्मण उम्मीदवार मैदान में उतारे, जबकि सपा ने पिछड़ा कैंडिडेट दिया। रेखा पिछड़ा वर्ग से हैं। दोनों सामान्य उम्मीदवार तीसरे और चौथे नंबर पर चले गए।
यही नहीं, निर्दलीय नामांकन करने पर रेखा को पार्टी से निकाल दिया गया। इसके बाद ‘मधुकर’ के लिए राजेशपति त्रिपाठी से लेकर कई बड़े नेताओं ने लगातार रामनगर में जनसंपर्क किया। जिला कांग्रेस कमेटी का भी पूरा फोकस रामनगर पर ही था।
चुनाव जीतने के बाद रेखा ने दावा किया मुझे जनता पर पूरा भरोसा था। मैं किसी भी पार्टी में नहीं जाऊंगी। मुझे बैसाखी की जरूरत नहीं है।