वाराणसी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव कमल पांडेय की कोर्ट में मिर्जापुर जेल में निरुद्ध निलंबित एआरटीओ आरएस यादव एवं अन्य के खिलाफ सात सौ पेज का साक्ष्य कोर्ट में दाखिल किया गया है। यह साक्ष्य गवाह राकेश न्यायिक ने एकत्र किया था और सतर्कता अधिष्ठान के विवेचक अरविंद सिंह ने इसे कोर्ट में दाखिल किया।
विवेचक ने चंदौली थाने में दर्ज लूट और भ्रष्टाचार के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि विवेचना के दौरान आरोपी द्वारा अवैध रूप से अर्जित परिसंपत्तियों से संबंधित 700 पेज का साक्ष्य पूर्व विवेचक प्रदीप सिंह चंदेल को मामले के गवाह राकेश न्यायिक की तरफ से उपलब्ध कराया गया था। इसे विश्लेषण व सत्यापन के लिए रख लिया गया था। इन अभिलेखों की जांच की जा चुकी है। ऐसे में यह अभिलेख कोर्ट में दाखिल किए जा रहे हैं। इसी के साथ विवेचना समाप्त की जाती है।
इसके पूर्व राकेश न्यायिक के अधिवक्ताओं योगेंद्र नारायण सिंह, अश्वनी कुमार और अमरेंद्र विक्रम सिंह ने कोर्ट में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि पदीय दायित्वों की अनदेखी कर आरोपियों को लाभ पहुंचाने के आशय से रिश्वत लेकर संदिग्ध आरोप पत्र प्रेषित करने वाले सतर्कता अधिष्ठान के एसपी व विवेचक को तलब किया जाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख छह दिसंबर तय की है। इस मामले में आरएस यादव एवं दो अन्य आरोपी धनजी यादव और शिवबहादुर यादव के खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। गवाह का आरोप है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया।