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राजधानी को लेकर ढाई घंटे तक रही उहापोह की स्थिति

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वाराणसी। बिहार के किशनगंज में तेज बारिश और महानंदा नदी की बाढ़ के चलते रेल पटरी धंसने से रेल परिचालन ठप हो गया है। इसकी वजह से ट्रेनों को जहां तहां रोक दिया जा रहा है। नई दिल्ली से वाया वाराणसी जाने वाली डिब्रूगढ़ राजधानी को लेकर ढाई घंटे तक उहापोह की स्थिति बनी रही। कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर सात पर रात सवा दस बजे पहुंची ट्रेन को यही रोकने या आगे चलाने को लेकर उत्तर रेलवे के दिल्ली, लखनऊ के अधिकारियों में मंत्रणा चलती रही। वहीं दूसरी ओर स्थानीय अधिकारी, कर्मचारी इस बात को लेेकर चिंतित दिखे कि ट्रेन को यही टर्मिनेट करने पर यात्रियों को रिफंड और उनकी समस्याओं का निराकरण कैसे करेंगे। दूसरी तरफ यात्री सहमे नजर आए कि टर्मिनेशन के बाद वह आधी रात परिवार लेकर कहा जाएंगे। जरूरी काम से डिब्रूगढ़ जा रहे लोग भी बार-बार रेल स्टॉफ से वस्तुस्थिति जानते रहे। लगभग साढ़े बारह बजे यह निर्णय लिया गया कि ट्रेन को कटिहार तक भेजा जाएगा। तब जाकर यात्रियों की जान में जान आई। वहीं दूसरी ओर राजधानी के सात नंबर पर खड़े होने की वजह से ट्रेनों के प्लेटफार्म भी बदले। नीलांचल एक्सप्रेस आठ नंबर पर आई।
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बता दें कि कई ट्रेनों को विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर रोक दिया गया है। दिल्ली से डिब्रूगढ़ जाने वाली ब्रह्मपुत्र मेल डाउन एक्सप्रेस ट्रेन को मुगलसराय, दिल्ली से अलीपुर द्वार जाने वाले महानंदा को कानपुर में और आनंद विहार से गुवाहाटी जाने वाली डाउन नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस को इलाहाबाद में रोक दिया गया है। अचानक ट्रेनों को रद्द किए जाने से यात्रियों में खलबली मच गई है। मुगलसराय स्टेशन पर यात्रियों को संभालने के लिए कई थानों की पुलिस के अलावा आरपीएफ, जीआरपी को पूरी तरह तैनात किया गया। यात्रियों को विभिन्न ट्रेनों से आगे के लिए रवाना किया गया। बिहार के किशनगंज में बाढ़ की वजह से रेल पटरी के नीचे की जमीन धंस गई और ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया।
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