वाराणसी। चेतगंज के पिशाचमोचन पोखरा के पास रहने वाली किशोरी अंजलि (14) ने शनिवार सुबह खुद को आग के हवाले कर दिया। इसके तुरंत बाद परिवारवाले मंडलीय अस्पताल ले आए, जहां उसका इलाज बर्न वार्ड में चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक वह 65 प्रतिशत जली है और उसकी स्थिति गंभीर बनी है। चर्चा इस बात की है कि पिता के डांटने के बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया जबकि पिता मुन्ना का कहना है कि घर में खाना बनाते समय यह घटना हुई।
साफ-सफाई कर घर का खर्च चलाने वाले मुन्ना की दो बेटी और एक बेटे में सबसे छोटी अंजलि इस समय मंडलीय अस्पताल में जिंदगी मौत से जूझ रहीं है। पास पड़ोस के लोगों के मुताबिक शनिवार सुबह किसी बात को लेकर उसके पिता ने उसे डांटा, जिस पर उसने खुद को आग लगा ली। उधर घटना के बाद परिवारवालों और पास पड़ोस के लोगों ने किसी तरह आग बुझाकर उसे बचा लिया। तुरंत बाद उसे मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बर्न वार्ड में शिफ्ट कर दिया। यहां उसका बेड नंबर 14 पर इलाज चल रहा है। घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किशोरी का चेहरा पूरा झुलस गया है। चिकित्सकों ने बताया कि अंजलि 65 प्रतिशत जली है।