चौबेपुर (वाराणसी)। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने शनिवार को कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव धाम में पर्यटन विभाग की ओर से कराए जा रहे सुंदरीकरण के कामों का जायजा लिया। इस मौके पर मंदिर के काम की गुणवत्ता ठीक न होने पर मंत्री भड़क गए। उन्होंने अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। साथ ही करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताते हुए जांच का निर्देश दिया। इतना ही नहीं, फर्श पर लगी टाइल्स और गिट्टियां उखड़वा कर जांच के लिए बीएचयू भेजवाई।
मंत्री ने गंगा घाट और संगम तट के विकास कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि ऐसे व्यवस्थित तरीके से काम कराएं ताकि सावन में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। इसके बाद वह मार्कंडेय महादेव मंदिर पहुंचे। यहां मुख्य द्वार के सामने लगाई गई स्टील की रेलिंग और पर्श पर लगी टाइल्स की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही टाइल्स उखड़वाई और जांच के लिए बीएचयू भेजने का निर्देश दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि यहां पूर्व में लगी लोहे की बैरीकेडिंग को उखड़वा कर ठेकेदार ने बेच दिया है। इस पर मंत्री भड़क गए। उन्होंने कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग की निर्माण इकाई के अधिकारियों और पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अविनाश मिश्र को जमकर फटकार लगाई। कहा कि मेरे प्रयास से यहां के विकास के लिए 6.68 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। इसमें मैं कोई घोटाला बर्दाश्त नहीं करूंगा। पूरे मामले की जांच करा कर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनके साथ अजगरा विधायक कैलाश नाथ सोनकर, चंद्रशेखर सिंह, जयप्रकाश पांडेय, अजय सिंह, घनश्याम सिंह, मिथिलेश सिंह, अजय यादव, उपेंद्र दूबे और लक्ष्मण सिंह आदि थे।