क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव का कहना है कि पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर हम कह सकते हैं कि दूसरी सभ्यताओं की तरह काशी की सभ्यता का विनाश नहीं हुआ। बभनियांव के पुरातात्विक उत्खनन की अनुमति भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण द्वारा मिल चुकी है। खुदाई के बाद निकले अवशेषों के आधार पर काशी की प्राचीनता पर भी नई जानकारियां मिलेंगी।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल का कहना है कि काशी का वर्णन तो पुराणों में मिलता है। सतयुग, त्रेता और द्वापर में काशी का वर्णन किया गया है। इसकी प्राचीनता पर नित नए शोध के बाद ही वैज्ञानिक रूप से कुछ कहा जा सकता है।