वाराणसी के कछवा रोड क्षेत्र के ठटरा गांव स्थित तमाचाबाद में ज्ञानपुर नहर रविवार की सुबह अचानक टूट गई। इससे नहर से सटे खेतों में पानी भर गया। किसान वसंतलाल बिंद की सब्जी की फसल पूरी तरह से जल मग्न हो गई। वसंतलाल ने बताया कि नहर की सफाई के दौरान जेसीबी से ज्यादा मिट्टी खोद दी गई। बारिश के चलते नहर में पानी का बहाव तेज होने से मिट्टी कट गई और नहर टूट गई।
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वसंतलाल और उनके भाई रामचंद्र बिंद ने मिलकर लगभग 40 विस्वा (लगभग 0.66 एकड़) खेत में नेनुआ, परवल, कोहड़ा (कद्दू) और अन्य सब्जियां लगाई थीं, जो अब पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं।
पीड़ित किसानों ने नहर विभाग को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया। आखिरकार, दोनों भाइयों ने खुद ही नहर के पास के खेत से मिट्टी लाकर टूटे हुए हिस्से को पाटकर पानी का बहाव रोका।
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किसानों का कहना है कि वे प्रतिदिन लगभग 1200 से 1400 रुपये की नेनुआ बेचकर कमाते थे और अभी दो महीने तक यह फसल चलती। नहर टूटने से उनकी यह आय बंद हो गई है। इसके अलावा, खेत में लगी परवल और कोहड़ा की फसल भी नष्ट हो जाएगी। किसानों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई और मुआवजे की मांग की है।