महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की ओर से छह साल बाद कराई गई प्रवेश परीक्षा रविवार को विश्वविद्यालय परिसर समेत दस केंद्रों पर संपन्न हुई। इस दौरान कुछ केंद्रों पर 15 मिनट देर से पेपर बंटा। वहीं परीक्षा के बाद बुकलेट न मिलने से भी अभ्यर्थी काफी नाराज दिखे। दो पाली में हुई परीक्षा के लिए पंजीकृत 5973 में 2031 अनुपस्थित रहे।
तीस विषयों में शोध करने के लिए छह साल बाद परीक्षा देने आए अभ्यर्थी उत्साहित दिखे। इस दौरान कुछ के चेहरे पर समय बीतने की वजह से भविष्य की चिंता भी झलक रही थी। सुबह की पाली में महेशपुर स्थित सिल्वर ग्रोव स्कूल में बने केंद्र पर निर्धारित समय 10 बजे केकरीब पंद्रह मिनट बाद पेपर बंटा और यही वजह थी कि सवा बारह बजे पेपर खत्म हुआ। कुछ यही स्थिति अन्य केंद्रों पर भी रही।
पेपर का पैकेट खोलने संबंधी संसाधन न होने को अभ्यर्थी देरी की वजह बता रहे हैं। कुलसचिव ओमप्रकाश ने बताया कि 5973 में 3942 ने परीक्षा दी जबकि 2031 अनुपस्थित रहे। पहली पाली के पेपर में रिजनिंग के सवाल आसान थे जबकि और सवाल कठिन रहे।