वाराणसी। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों को अब अस्पताल में भर्ती होने से पहले सभी कागजातों का सत्यापन कराना होगा। इसके लिए बायोमेट्रिक वैरीफिकेशन को लागू किया जा रहा है। इसमें लाभार्थी के गोल्डन कार्ड से लेकर अन्य जरूरी कागजातों के सत्यापन कराया जाएगा, जिससे कि सही लाभार्थी को योजना का लाभ मिल सके।
आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थी को पांच लाख सालाना का इलाज नि:शुल्क करने की सुविधा है। जब से यह योजना शुरू हुई है तब से गोल्डन कार्ड बनवाने से लेकर अस्पतालों में इसका लाभ लेने में फर्जीवाड़े के मामले सामने आते रहे हैं। इसमें लाभार्थी की जगह दूसरे का इलाज कराने, एक ही नाम पर दो बार दवा ले जाने सहित अन्य मामले हैं। अब इसे रोकने और लाभार्थियों को सभी सेवाओं का लाभ दिलाने के उद्दश्ेय से स्वास्थ्य विभाग की ओर से योजना से जुड़े जिले के सरकारी व प्राइवेट सभी अस्पतालों में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से इसके लिए सभी अधिकारियों को ई मेल भी भेजे जा चुके हैं। अस्पताल में भर्ती और फिर डिस्चार्ज होने के बाद संबंधित मरीज का सत्यापन किया जाएगा।
आठ सरकारी और 95 निजी अस्पताल में योजना लागू
आयुष्मान योजना में आठ सरकारी और 95 निजी अस्पताल शामिल हैं। सरकारी अस्पताल में बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रामा सेंटर, होमी भाभा कैंसर अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल, महिला और मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, रामनगर अस्पताल और मानसिक अस्पताल के साथ ही 95 निजी अस्पतालों को जोड़ा जा चुका है।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन सिस्टम के लागू होने से पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा योजना के नाम पर धांधली नहीं हो सकेगी । - डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ