वाराणसी। बीएचयू में चल रहे जनसंचार में नवाचार विषयक कार्यशाला के अंतिम दिन चेतना को महत्व देने का आह्वान किया गया। बतौर मुख्य वक्ता प्रो. अवधेश प्रधान ने कहा कि समाज में वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्रांति से लेकर सूचना और संचार क्रांति के दौर तक चेतना और चैतन्य को महत्व देना होगा।
पत्रकारिता विभाग के संयोजक डॉ. धीरेंद्र राय के संयोजन में चल रहे सात दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह में प्रो. प्रधान ने कहा कि वर्तमान दौर में जब क्रांतियों के बीच कम अंतराल रह गया है तो जरूरी है कि चेतना का विस्तार मानव समाज की प्राथमिकता बने। स्वामी विवेकानंद के जीवन को युवाओं का प्रेरणास्रोत बताते हुए प्रो. प्रधान ने उनके आध्यात्म व अलौकिक जीवन के आदर्शों को जनसंप्रेषण से जोड़ते हुए विस्तार से बताया। डिजाइन इनोवेशन सेंटर के संयोजक डॉ. मनीष अरोड़ा ने कहा कि युवाओं को खुद को सीमित न करके, अपने स्तर पर अभिकल्पन की प्रक्रिया में शामिल होते रहना चाहिए। उद्यमी संजय राय ने उद्यमिता के क्षेत्र से जुड़ी जानकारी दी। अध्यक्षता करते हुए प्रो. दिनेश चंद्र राय ने इस तरह के कार्यक्रमों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन हर्षित श्याम, धन्यवाद ज्ञापन कार्यशाला सह संयोजक डॉ. बाला लखेंद्र ने किया।